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गुर्दे (Kidney) का स्वास्थ्य और डायलिसिस

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1. सामान्य (स्वस्थ) गुर्दे का स्वास्थ्य:

  • गुर्दे हमारे शरीर के दो महत्वपूर्ण अंग हैं, जो रीढ़ की हड्डी के दोनों ओर कमर के पीछे स्थित होते हैं।
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स्वस्थ गुर्दों के मुख्य कार्य:

शरीर से विषैले पदार्थ (टॉक्सिन्स) और यूरिया, क्रिएटिनिन आदि को बाहर निकालना।

  • अतिरिक्त पानी और नमक को मूत्र (Urine) के रूप में बाहर निकालना।
  • शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स (सोडियम, पोटैशियम आदि) का संतुलन बनाए रखना।
  • रक्तचाप (Blood Pressure) को नियंत्रित करना।
  • लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) के निर्माण के लिए एरिथ्रोपोइटिन (EPO) हार्मोन बनाना।
  • हड्डियों को मजबूत रखने के लिए विटामिन D को सक्रिय करना।

महत्वपूर्ण बात :

गुर्दे की बीमारी शुरुआती चरण में अक्सर कोई लक्षण नहीं देती, इसलिए इसे “Silent Disease (मौन बीमारी)” भी कहा जाता है।

2. स्वस्थ गुर्दों की सुरक्षा कैसे करें?

 1. संतुलित आहार लें

✅ प्रतिदिन कम से कम 5 सर्विंग फल एवं सब्ज़ियाँ खाएँ।

✅ साबुत अनाज चुनें:

  • ओट्स
  • ब्राउन राइस
  • गेहूँ
  • ज्वार
  • बाजरा
  • रागी

स्वस्थ प्रोटीन लें:

  • दालें
  • राजमा
  • चना
  • लो-फैट दूध एवं दही
  • अंडा
  • मछली
  • कम वसा वाला चिकन

स्वस्थ वसा लें:

  • बादाम
  • अखरोट
  • अलसी
  • तिल
  • मूंगफली
  • सरसों/ऑलिव/मूंगफली का तेल

2. नमक कम करें

✅ प्रतिदिन 5 ग्राम (लगभग 1 चम्मच) से कम नमक ले

❌ अतिरिक्त नमक न डालें।

कम करें:

  • अचार
  • पापड़
  • चिप्स
  • नमकीन
  • इंस्टेंट नूडल्स
  • पैकेज्ड स्नैक्स
  • सॉस

💚 लाभ: उच्च रक्तचाप का जोखिम कम होता है, जिससे किडनी सुरक्षित रहती है।

💧 3. पर्याप्त पानी पिएँ

✅ प्यास एवं मौसम के अनुसार पर्याप्त पानी पिएँ।

✅ गर्मी एवं व्यायाम के दौरान पानी की मात्रा बढ़ाएँ।

❌ कोल्ड ड्रिंक एवं मीठे पेय कम करें।

️ 4. स्वस्थ वजन बनाए रखें

✅ संतुलित मात्रा में भोजन करें।

✅ चीनी एवं तले हुए भोजन कम करें।

🏃 सप्ताह में कम से कम 150 मिनट व्यायाम करें।

🫘 5. प्रोटीन संतुलित मात्रा में लें

✅ पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लें।

❌ बिना डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के हाई-प्रोटीन सप्लीमेंट न लें।

✅ पौधों एवं पशु स्रोतों से संतुलित प्रोटीन लें।

🍔 6. प्रोसेस्ड फूड कम करें

कम करें:

❌ फास्ट फूड

❌ प्रोसेस्ड मीट

❌ पैकेट वाले स्नैक्स

❌ मीठे पेय

❌ फॉस्फेट एडिटिव वाले खाद्य पदार्थ

🍬 7. ब्लड शुगर नियंत्रित रखें

✅ रिफाइंड चीनी कम करें।

✅ मिठाइयाँ सीमित मात्रा में खाएँ।

🍎 जूस की बजाय पूरा फल खाएँ।

💚 मधुमेह किडनी रोग का प्रमुख कारण है।

️ 8. रक्तचाप नियंत्रित रखें

✅ नमक कम करें।

✅ यदि आपकी किडनी सामान्य रूप से कार्य कर रही है, तो पोटैशियम युक्त फल एवं सब्ज़ियाँ लें।

✅ नियमित व्यायाम करें।

💊 9. अनावश्यक दवाओं से बचें

❌ बार-बार दर्दनिवारक दवाएँ (Ibuprofen, Diclofenac आदि) बिना डॉक्टर की सलाह के न लें।

❌ अप्रमाणित हर्बल सप्लीमेंट का सेवन न करें।

🚭 10. धूम्रपान एवं अत्यधिक शराब से बचें

🚭 धूम्रपान किडनी में रक्त प्रवाह कम करता है।

🍺 अत्यधिक शराब रक्तचाप बढ़ाकर किडनी को नुकसान पहुँचा सकती है।

 11. नियमित स्वास्थ्य जाँच कराएँ:

यदि आपको:

✔ मधुमेह

✔ उच्च रक्तचाप

✔ मोटापा

✔ परिवार में किडनी रोग का इतिहास

🍎 क्या खाएँ?

✅ ताज़े फल एवं सब्ज़ियाँ

✅ साबुत अनाज

✅ दालें एवं बीन्स

✅ लो-फैट दूध एवं दही

 संदेश: “स्वस्थ किडनी, स्वस्थ जीवन – सही पोषण अपनाएँ, किडनी को सुरक्षित रखें।”

3. किडनी खराब होने के मुख्य कारण:

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4. डायलिसिस कब करना पड़ता है?

  • डायलिसिस पहला इलाज नहीं है।
  • सबसे पहले डॉक्टर दवाइयों, सही आहार, रक्तचाप और शुगर नियंत्रण से किडनी को बचाने की कोशिश करते हैं।
  • जब किडनी लगभग 85–90% तक काम करना बंद कर देती है और शरीर से विषैले पदार्थ तथा अतिरिक्त पानी नहीं निकाल पाती, तब डायलिसिस की आवश्यकता पड़ती है।

5. डायलिसिस मरीज घर पर क्या करें और क्या न करें?

क्या करें

  • हर डायलिसिस सत्र समय पर करवाएँ।
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाइयाँ नियमित लें।
  • किडनी रोग विशेषज्ञ (Nephrologist) या डाइटिशियन द्वारा बताई गई डाइट का पालन करें।
  • नमक और पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखें।
  • रोज़ाना वजन और रक्तचाप की जाँच करें।
  • फिस्टुला (AV Fistula) या कैथेटर की सफाई रखें।
  • संक्रमण के लक्षण (बुखार, लालपन, सूजन, पस) दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
  • हल्की शारीरिक गतिविधि करें (यदि डॉक्टर अनुमति दें)।
  • यदि आपका पोटैशियम बढ़ा हुआ है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह पर हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को ब्लांच करके खाना लाभदायक हो सकता है।
  • हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को ब्लांच (Blanch) क्यों करें?
  • यदि शरीर में पोटैशियम का स्तर अधिक हो (Hyperkalemia) और डॉक्टर या डाइटिशियन ने पोटैशियम कम करने की सलाह दी हो, तो हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को ब्लांच करके खाया जा सकता है।
  • ब्लांचिंग (Blanching) क्या है?
  • ब्लांचिंग एक सरल प्रक्रिया है, जिसमें सब्ज़ियों को 1–2 मिनट तक उबलते पानी में डाला जाता है, फिर तुरंत ठंडे या बर्फ वाले पानी  में डाल दिया जाता है। इससे सब्ज़ी का पकना रुक जाता है।
  • ब्लांचिंग कैसे करें?

1. हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को अच्छी तरह धो लें।

2. एक बर्तन में पानी उबालें।

3. सब्ज़ियों को 1–2 मिनट तक उबलते पानी में रखें।

4. तुरंत निकालकर ठंडे या बर्फ वाले पानी में डाल दें।

5. पानी अच्छी तरह निकालकर सामान्य तरीके से पकाएँ।

6. उबला हुआ पानी फेंक दें, उसका दोबारा उपयोग न करें।

  • इसके क्या लाभ हैं?
  • ✅ सब्ज़ियों में मौजूद कुछ पोटैशियम पानी में निकल जाता है, जिससे पोटैशियम की मात्रा कम हो सकती है।
  • ✅ सब्ज़ियों का हरा रंग और बनावट बेहतर बनी रहती है।
  • ✅ कुछ हद तक सफाई और सूक्ष्मजीवों की संख्या कम करने में मदद मिलती है।
  • ❗ ब्लांचिंग सिर्फ़ उन्हीं लोगों के लिए आवश्यक है जिनका पोटैशियम बढ़ा हुआ हो और जिन्हें डॉक्टर या रीनल डाइटिशियन ने इसकी सलाह दी हो।
  • ❗ सामान्य स्वस्थ व्यक्ति को हरी पत्तेदार सब्ज़ियों को ब्लांच करने की आवश्यकता नहीं होती।
  • ❗ ब्लांचिंग से पोटैशियम कम होता है, पूरी तरह समाप्त नहीं होता।

क्या करें:

  • फिस्टुला वाले हाथ से भारी सामान न उठाएँ।
  • उस हाथ पर ब्लड प्रेशर न मापें और न ही इंजेक्शन या ब्लड सैंपल लें।
  • धूम्रपान और शराब का सेवन न करें।
  • बिना डॉक्टर की सलाह के कोई दवा, आयुर्वेदिक या हर्बल सप्लीमेंट न लें।
  • डॉक्टर द्वारा निर्धारित मात्रा से अधिक पानी न पिएँ।

6. क्या डायलिसिस ही अंतिम समाधान है

डायलिसिस जीवन बचाने वाला उपचार (Life-saving Treatment) है, लेकिन यह किडनी की बीमारी को ठीक नहीं करता।

उपचार का क्रम सामान्यतः इस प्रकार होता है:

1. स्वस्थ जीवनशैली अपनाना।

2. समय पर किडनी रोग की पहचान।

3. दवाइयाँ और सही आहार।

4. शुगर और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखना।

5. आवश्यकता होने पर डायलिसिस।

6. उपयुक्त मरीजों में किडनी प्रत्यारोपण (Kidney Transplant) सबसे अच्छा दीर्घकालिक उपचार हो सकता है।

महत्वपूर्ण संदेश:

  • किडनी रोग एक “मौन बीमारी” है, इसलिए नियमित स्वास्थ्य जाँच बहुत ज़रूरी है।
  • मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखकर अधिकांश लोगों में किडनी की गंभीर बीमारी और डायलिसिस की आवश्यकता को काफी हद तक टाला या देर से आने दिया जा सकता है।
  • समय पर उपचार, संतुलित आहार और नियमित डॉक्टर की सलाह का पालन करने से किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
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About Dr Veena Aggarwal

Dr Veena Aggarwal (Nutrition) - Honorary Senior Advisor, Arpana Reasearch & Charities Trust She is a distinguished healthcare professional with over five decades of experience in research, teaching, and clinical practice. Beginning her career at AIIMS, New Delhi in 1967, she has worked extensively on nutrition and its role in addressing core health issues.